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तुझमें रब दिखता है

तुझमें रब दिखता है

करता रहता हूँ मै इंतजार तेरा कभी तू इधर से भी गुजर जाया कर,
खोया रहता हूँ मै तेरी यादों में कभी तू भी मुझे याद करके मुस्कुराया कर।
ख्याल तेरा न आए जिस दिन जिन्दगी में आयेगा कभी दिन ऐसा मुश्किल लगता है,
कैसे कह दूँ मै आज तुमसे तुझमें रब दिखता है।
की मोहब्बत तुझसे अब बस इंतजार तेरा है,
ढूंढता रहता हूँ तुझे दर बदर ये बता तू कहाँ है।
जगी है जो एक चाह तेरे लिए कही ये वो अहसास तो नहीं,
मैं हर वक्त बस तुझे ढूंढता रहता हूँ कहीं ये मोहब्बत का आगाज तो नहीं।
रहता है बस तेरा ख्याल जहन में,
अब ऐसा लगता है तेरा साथ जिन्दगी में जरूरी है।
जाता हूँ मै कहीं बस तुमसे टकरा जाता हूँ,
पता नहीं मैं कैसे तेरी राहों में आ जाता हूँ।

देख लू चाहे तुझे जितनी बार बस तुझे देखने का मन करता है,
न जाने कितनी बार मैं तुमसे छिपकर तुमसे मिलता हूँ।
क्यों हर रोज़ तुझे ढूंढ़ते ढूंढ़ते तुम्हारे पास पहुंच जाता हूँ,
तुझमें रब दिखता है मै बस ये तुमसे कहना चाहता हूँ।

तुम जवाब मेरा मैं तुम्हारा सवाल लगता हूँ,
नाम तेरा ही आयने पर हर बार लिखता हूँ।
याद जो आ जाए तेरी तो तेरी तस्वीर देखता हूँ,
सो भी जाऊ अगर तो तुझे ख्वाबों में मिलता हूँ।

क्या है तू और क्यों जरूरी है बस यही खुद से पूछा करता हूँ,
तुझमें रब दिखता है ये हर रोज मैं खुद से कहता रहता हूँ।
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