Custom Pages
[vc_separator type='transparent' color='' thickness='' up='20' down='7']
Portfolio
[vc_separator type='transparent' color='' thickness='' up='20' down='7'] [vc_separator type="transparent" position="center" up="12" down="16"]

मेरी ख़ुशीयों की चाबी: मेरी माँ का आंचल

Share on facebook
Share on twitter
Share on whatsapp
रिश्तों का आधार है माँ,
और जीवन का एक मात्र सार है माँ का प्यार।

फिक्र किस बात की जब माँ का हाथ सर पर हो,
सारी फिक्र भूल जाती हूँ जब माँ के आंचल में समा जाती हूँ।

जितनी फिक्र माँ एक बच्चें की करतीं है,
शायद ही कोई कर पाएगा किसी की।

वो बारिशों में छाता लेकर पीछे चलना,
वो रात-रातभर जागकर मरहम-पट्टी करना।

खुद न खाकर हमें खिलाना,
एक छोटी सी चोट पर मेरे रोनें पर फिक्र कर अपनी छाती से लगा लेना।

सचमुच तुझ जैसी फिक्र कोई नहीं करता माँ,
तू खुद की फिक्र छोड़ हमें बनाती है।

पढा-लिखाकर हमें सक्षम बनाती है,
तभी तो हर बच्चा अपनी माँ से लिपटकर हर फिक्र भूल जाता है।

तेरी इस फिक्र में मैं अपनी परेशानी भी भूल जाती हूँ,
भूल जातीं हूँ के कोई परेशानी भी थी मुझे।

अपनी माँ के आंचल में मैं अपनी सारी परेशानी भूल जाती हूँ,
मेरी हर फिक्र का जवाब हैं मेरी माँ के पास।

माँ के आशीर्वाद से,
वक़्त तो क्या,किसमत भी बदल जाती है।

माँ तुम्हारे होने से ही मैं हूँ,
तुम्हारे बिना मैं कुछ भी नहीँ।

माँ तुमने जब मुझे छुआ,
तो मैं अपनी सारी परेशानी भूल गई।

अगर तुम ना होतें,
तो शायद में नहीं होती।

तुम तुम हो,
इसलिए मैं मैं हूँ।

यूँ तो दिखावा पसंद नहीं तुम्हें,
मगर अगर हमें कामयाबी मिले तो पूरे विश्व में ही नहीं ईश्वर को भी इसका पता लग जाता है।

कहते हैं शमशान में अक्सर रिश्ते खत्म हो जाते हैं,
मगर तुम्हारा-हमारा रिश्ता तो अमर है।

ईश्वर को भी तुम्हारी ममता पाने के लिए अवतरित होना पड़ा,
तो ये मनुष्य तो कितना भाग्यशाली है कि उसके पास माँ है।

लोग कहते हैं कि पिता के नाम के बिना तुम कुछ भी नहीं,
मगर कोई ये क्यों नहीं कहता की हमें जन्म देने वाली माँ के बिना हम असतीतवहीन हैं।

यूँ तो जिंदगी में बहुत कुछ मिल ही जाता है,
मगर एक बार गई हुई माँ कभी लौट कर नहीं आती।

यूँ तो जितना भी लिखूँ कम ही है,
मगर इतनी सी गुजारिश आज उस ईश्वर से है,
चाहे मेरी पूरी दुनियाँ ही क्यों न उजड़ जाए,
चाहे मौत ही क्यों न आ जाएँ,
चाहे तू भी मुझसे रूठ जाएँ,
पर बस इतना करना की मेरा और मेरी माँ का साथ ना छुटने पाएँ।

हर मुसीबत का हल है मेरी माँ का प्यार,
हर मुसीबत का हल है मेरी माँ की ममता का आंचल।

हर आत्मा की कुछ इच्छाएँ होती हैं,
और मेरी इच्छा केवल आपकी खुशी थी।

हाँ ऐसी आत्माएँ मौजूद हैं,
हमारी माँ की आत्मा।

पवित्रता, प्रेम और त्याग की सच्चाई,
मुझे बस मेरी माँ के द्वारा ही पता चला है।

प्रेम का निवास,
मेरी माँ की गोद में एक मीठी नींद।

मैंने जबसे अपनी माँ को पाया है,
मैंने धरती पर ही स्वर्ग पाया है।

जन्म से लेकर मृत्यु तक,
माँ जीवन का सच्चा प्यार!वह प्यार का प्रतीक है,
एक और केवल मेरे जीवन का प्यार।

वो मेरी माँ है,
मुझे उस पर गर्व है।

वह केवल अपनी तरह की एक है,
अद्भुत, अविरल, असामान्य, असाधारण।

कुछ भी नहीं तो तुलना की जा सकती है,
और न ही समायोजित की जा सकती है।

वह प्यार की अताह धारा है,
हर किसी का पहला और हमेशा के लिए जीवन भर का प्यार है।

माँ शांति है,
माँ आस है,
माँ सांस है,
माँ ही विश्वास है।

हिमालय से गंगा तक,
पवित्रता का प्रतीक है मेरी माँ।

मेरे लिए मेरे हर रिश्तें का आधार है मेरी माँ,
और हर रिश्तें की अनोखी सच्चाई है मेरी माँ का प्यार।

मेरे लिए धरती पर स्वर्ग है,
मेरी माँ का दुलार।
0

Note : Please Login to use like button

Share this post with your friends

Share on facebook
Share on twitter
Share on whatsapp
Share on email
No Comments

Post A Comment

Related Posts

Hindi
Yogesh V Nayyar

मयखाना

मयखाने के दरवाज़े खुलते हैं अंदर की ओर, हर आने वाला अपनी रूबाई सुनाता है। कुछ गम के साए में मजबूर, कुछ अपनी तन्हाइयों से दूर। हर प्याले में होता है जाम, अपने हरषु के लिए बेताब, किसी का गम गलत करने को, तो किसी

Read More »
Hindi
Yogesh V Nayyar

दामन

सच कहा है के अंधेरे में परछाईं भी साथ छोड़ जाती है, जब मौत आती है ज़िंदगी साथ छोड़ जाती है, मगर हम तो उन में से हैं जो न छोड़ते हैं साथ, चाहे हो परछाई या हो मौत का हाथ। थामते हैं दामन जब

Read More »
Hindi
Nilofar Farooqui Tauseef

यात्रा की यादें

हसीन यादों का हसीन सफर।श्याम की नगरी, मथुरा डगर। मन हतोत्साहित, चेहरे पे मुस्कान।मन बनाये नए-नए पकवान। मंदिरों से आती, घण्टों की आवाज़।श्याम की बाँसुरी संग छेड़े साज़। बस का था सफर, मन विचलित।नयन तरसे, होकर प्रफुल्लित। स्वर्ग सैर हुआ मन को।उसी पल कैद किया

Read More »
Article
Shreya Saha

पिता दिवस

जिस प्रकार माँ जीवन प्रदान करती हैं, ठीक उसी प्रकार पिता जीवन को सही दिशा दिखता है। पिता का दिल बाहर से कठोर हो सकता है, लेकिन अंदर से वो नारियल के सामान नरम होता है। पिता अपना प्यार दिखा नहीं पाते, लेकिन संतान पर

Read More »