Custom Pages
[vc_separator type='transparent' color='' thickness='' up='20' down='7']
Portfolio
[vc_separator type='transparent' color='' thickness='' up='20' down='7'] [vc_separator type="transparent" position="center" up="12" down="16"]
 

तुम रहते हो दिल में मेरे

तुम रहते हो दिल में मेरे

गर्दिशों के अंधेरे में गुम,
टूटते,बिखरते सपने मुट्ठी में बंद किए,
तन्हाइयों में पुकारा,मेरी बेबस मोहब्बत ने तुम्हें,
तोड़कर जिंदगी की डोर,जिस पल चले गए थे बिना कुछ कहे,
दिल की गिरफ्त में कर लिया था तुम्हें कैद उम्र भर के लिए,
बदहवासी का आलम,एहसासों का तड़प के झकझोर जाना मुझे,
यथार्थ से अनभिग ढूंढती हूँ,तड़प के कहती हूँ रुक जाओ कुछ पल मेरे लिए,
जीवन मृत्यु अटल सत्य,बदलती नहीं नियति किसी के लिए,
सात जन्मों का था ये बंधन,नहीं था कुछ पल के लिए,
बंद हाथों की लकीरों में नहीं,"तुम रहते हो दिल में मेरे" जन्म जन्मांतर के लिए।
No Comments

Post A Comment