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अपने दिल की सुनो

अपने दिल की सुनो

इस दुनिया के ऊँचे शोर शराबें में
लोगों की कही हुई हज़ारों बातों में
बताया तुझे यही गया हमेशा के
तुझे जीना किस कदर यहाँ पे।
ना सुनना तू इन ग़ैरों की बातों को
रख क़ाबू में अपने ज़ज़्बातों को
तोड़ फेंक उन ज़ंजीरों को
हमेशा अपने दिल की सुनो।
लाख बताए ग़र मुसीबतें ज़माना तुझे
कहेगा कि मंज़िल पाना मुश्किल है तुझे
रख विश्वास ख़ुद पर चट्टान के समान तू
हमेशा अपने दिल की सुनो।
हो चाहे कितना भी शिखर सामने तेरे
कहेगें लोग की बस में नहीं यह तेरे
लेकिन कर हौंसला कर लेगा फ़तह तू उसे
हमेशा अपने दिल की सुनो।
ग़र तूफ़ान आए जीवन के समंदर में तेरे
हो जर्ज़र हालात कश्ती के तेरे
कहेगा ज़माना के पार तू अब लगेगा कैसे
पर कर अपने इरादे मज़बूत सफ़र में तेरे
हमेशा अपने दिल की सुनो।
हो चाहे अंधियारा घना तेरी राहों पर
हो हज़ारों काँटें तेरी सफलता की डगर पर
ले मशाल हाथों में चल पड़ चिर अंधियारा तू
हमेशा अपने दिल की सुनो।
हो या ना हो साथ तुझे तेरे अपनों का
रखना ख़्याल खुद से ज़्यादा अपने सपनों का
ना रहना भरोसे किसी और की झूठी दिलासा पर
हमेशा अपने दिल की सुनो।
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