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मेरे मित्र गणेश

मेरे मित्र गणेश

जग में सर्वप्रथम है नाम तिहारा,
विघ्नहरता नाम तेरा है अपारा,
भजे जो नित उठ ध्यान तुम्हारा,
ना आते कष्ट विपदा हम पर,
भजें जब ले श्री गणेश नाम तुम्हारा।
हो माता पार्वती के तुम लाल निराले,
तुम्हारे कारण हुए क्रोधित शिव पिता तुम्हारे,
थे वचनों से बंधे माता के तुम,
लेकिन सम्मान पूर्वक शीश कटवाया,
पिता के समक्ष जोड़ हाथ श्री गणेश तुम।
कहलाये एक दंत जब हुए क्रोधित परशुराम तुम पर,
चंद्रमा को पाठ पढ़ाया जब हंसे थे वो तुम पर,
मूषक की कर सवारी और लंबोदर पर ले भुजंग,
प्रथम पूजनीय बने तीहों लोकों में,
ओ हमारे कार्य सुधारक श्री गणेश तुम।
किया लेखन महाभारत का भी तुमने,
तोड़ा अभिमान कुबेर का भी तुमने,
बने सर्वप्रथम देवता पूजनीय जग में,
जब माता-पिता को ही मान संसार,
की परिक्रमा श्री गणेश तुमने।
है लगता मोदक भोग तुम्हें बड़ा रसीला,
बच्चों के बन मित्र तुम करो कई लीला,
अंग पर ओढ़े पीताम्बर वस्त्र कर धारण,
हे प्रभु आपका स्वागत करते हैं हम,
प्रेमपूर्वक अपने घर प्रांगण।
चहुं दिशाओं में है सर्वव्यापक चार भुजा तुम्हारी,
है लम्बी सूंड बुधिमता और छोटे चक्षु तीक्ष्ण दृष्टि तुम्हारी,
हैं बड़े कान आपके दर्शाते अधिक गाह्यशक्ति,
ओत प्रोत हो रहें हैं हम सभी भक्त,
करते हैं आपकी अपूर्व श्रधा भक्ति।
हे प्रभु आप ही कारण मिलती है सबको अस्टसिद्धि,
पत्नियाँ है आपकी परम पूजनीय दो, रिद्धि और सिद्धि,
हैं आपके पुत्र दो अनमोल जो दे सबको शुभ लाभ,
हे गजानन पधार घर हमारे करो हमारा भी,
इस जग के दुःख कष्टों से बेड़ा पार।
8 Comments
  • Pragati ojha
    Posted at 07:09h, 30 August Reply

    Fabulous poem….
    Don’t have words for this poem…

  • Pugazhendhi N
    Posted at 08:17h, 30 August Reply

    Keep rocking

  • Akinbobola Adekunle
    Posted at 09:59h, 30 August Reply

    Lalit has been a long time friend in Nigeria and hes a good Man.
    You can actually sense the art of poetry in his specch even when he speaks.
    I wish you good luck.

  • Shubh bohra
    Posted at 11:16h, 30 August Reply

    nice one😊

  • shubh bohra
    Posted at 11:18h, 30 August Reply

    nice poem

  • Ramesh
    Posted at 11:33h, 30 August Reply

    Awesome loved it 😍😍… Ganpati bappa moriya

  • Vivek Garg
    Posted at 18:48h, 30 August Reply

    Lalit is a great person, simple and confident in what ever he do.. whether his work or writing… because he do it from his heart.

    We know Lalit since he use to write four liner… he is multi talented person…

    We wish him success for being good poet and wishes that he will continue writing for us.

  • Dinesh Kothari
    Posted at 21:26h, 03 September Reply

    Levelheaded
    Adaptable
    Leader
    Inspiring
    Trustworthy

    These are just a few qualities that befit the persona of Lalit Ji. Wish you be successful in all walks of life.

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