Custom Pages
[vc_separator type='transparent' color='' thickness='' up='20' down='7']
Portfolio
[vc_separator type='transparent' color='' thickness='' up='20' down='7'] [vc_separator type="transparent" position="center" up="12" down="16"]
 

कि सारी जिम्मेदारीयाँ तेरे कंधे पर छोड़ जा रहा हूँ

कि सारी जिम्मेदारीयाँ तेरे कंधे पर छोड़ जा रहा हूँ,
सफ़र-ए-जिंदगी मैं कुछ इस कदर मोड़ जा रहा हूँ।
कि आसान नहीं राह-ए-मंजिल जानता हूँ,
इसीलिए अपना अक्ष तुझमें छोड़ जा रहा हूँ।
अब अपनी माँ के हाथों में चुड़ियाँ और,
माथे पर बिंदियां तुझे ही सज़ानी हैं।
एक बहन हैं तेरी उसका विवाह कर,
उससे अगले घर भी पहुँचाना हैं।
और अपने से छोटे भाई को सही ग़लत,
के बीच का फ़र्क भी तुझे ही सिखाना है।
कि बेटा अब तुझे सारी जिम्मेदारीयाँ
अकेले ही उठानी हैं।
No Comments

Post A Comment