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किसने कहाँ अकेला व्यक्ति कमजोर होता है?

किसने कहाँ अकेला व्यक्ति कमजोर होता है?

किसने कहाँ अकेला व्यक्ति कमजोर होता है?
भाग्य भी भाग्य पर निर्भर करता है।
कोई साथ में भी उदासी प्राप्त करता है तो,
कोई अकेलेपन में भी खुशियों की खोज करता है।
निश्चय हो जीने का तो कैसे भी जिया जा सकता है।
जरूरी नहीं सैकड़ो की भीड़ में प्रसन्नता मिले,
कोई अकेलेपन में भी जिंदा दिली से जिंदगी जी सकता है।
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