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रोमांस से ज़्यादा … दोस्ती मेरे लिए मायने रखती है

रोमांस से ज़्यादा … दोस्ती मेरे लिए मायने रखती है

आज मिला एक दोस्त बाज़ार में पुराना
जिससे बिछड़े हुए हो गया था एक ज़माना
मिलते ही लगाया गले सरे आम बाज़ार में
आज भी न बदला था वो ... दोस्ती के व्यवहार में।

वहीं होता कोई महबूब बिछड़ा अपना
जो दिखा गया था छोड़ एक झूठा सपना
आया जब नज़रों के सामने अपने नए प्यार के साथ
देख मूंह फेरा यूँ ... जैसे थे ना कभी मेरे लिए कोई जज़्बात।

ग़र बैठे हो कभी दोस्त के साथ लगा महफ़िल
करेगा ख़ुद को तेरे हर सुख और दुःख में शामिल
पूछेगा लाख बार तुझसे तेरे इश्क़ का हाल चाल
यही तो होती है दोस्ती में यारों, बात बड़ी बेमिसाल।

वहीं ग़र बैठे हो जो तुम लिए अपने महबूब को संग
दिखाएगी वो कई सपने तुझे दिखा अपने झूठे रंग ढंग
कहेगी ग़र करते हो तुम प्यार उससे जग में सच्चा
तो आज ही छोड़ना पड़ेगा तुम्हें यार अपना सबसे अच्छा।

दोस्त होता है वही जो तुझे छेड़े भी और मनाए भी
लाख बुराई की हो तूने पर हर बार वही तुझे बचाए भी
टूटा हो भले ना जाने कितनी ही बार दिल तेरा बेचारा
दोस्त वही है जो हर बार बनता है तेरे लिए एक सहारा।

महबूब की ग़र करो बात, उसके सामने तेरी क्या औक़ात
बनाए रखे नौकर अपना तुझे, दे झूठे प्यार की सौग़ात
हर बार ऐसी नाज़ुक कलियों से जो मोहब्बत होती है तुम्हें
दिल तेरा तोड़, लाचार और मज़बूर बनाती है तुम्हें।

जहां होती है दोस्तों को तुम्हारे हर एक ऐब से प्यार
वजह वही बनती है, जब खाओ महबूब से दुत्कार
जहां होता है दोस्तों के साथ एक कमरे में हो हल्ला
वहीं महबूब के सामने होता है बना रहता है तू भीगा बिल्ला।

करते जहां दोस्त तुझसे प्यार बेहिसाब निस्वार्थ दुनिया में
वहीं बन रहे हो अपनी महबूब के क्रेडिट कार्ड शॉपिंग में
है जहां दोस्तों के सामने औक़ात तेरी एक शहंशा जैसी
आज हो रखी है प्यार में औक़ात तेरी एक कुत्ते के जैसी।

दोस्त हैं वो जो सम्भाले तुझे तेरे बुरे हालातों में भी
समझ जाए तेरा हाल तेरे बिना उनसे कुछ कहे ही
महबूब में ऐसी निस्छल और निस्वार्थ भावना कहाँ
वो तो है ऐसा जो छीन ले तुझसे तेरा सारा जहां।

दोस्त ही है जिनसे खुल कर करे तू कोई भी बात
ग़र मन में तेरे कुछ हो, तो भी जान लेते तेरे जज़्बात
महबूब तो आते ही हैं रंगीन महफ़िल में ख़लल डालने
तुम्हें तुम्हारी ही दुनिया में तेरे प्यार की औक़ात दिखाने।

इसी लिए कहता हूँ जग में सीना अपना ठोके
दोस्त वही जो देखते ही अपना रास्ता रोके
और पूछे तुमसे तुम्हारे दिल का और तुम्हारा हाल
महबूब बेवफ़ा वही जो करे तुम्हें हर वक़्त बेहाल।

अब मैंने भी जान रखी है एक छोटी सी दिल में बात
के रोमांस से ज़्यादा दोस्ती मेरे किए मायने रखती है
दोस्ती ख़ुदा की दी हुई हमें एक नेक़ नवाज़ीश है
दोस्ती के ख़ातिर, हम अपनी जान भी हाज़िर रखते हैं।
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