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कोरोना में बेरोज़गारी

कोरोना में बेरोज़गारी

कैसी आयी ये महामारी,
अपने अपने रोजगार से हाथ धो बैठा हर कर्मचारी,
छोटी हो या बड़ी सब बंद हो गयी
व्यवसाय हो या नौकरी।
जान है तो जहान है का मतलब,
अच्छे से समझ गयी ये दुनियाँ सारी,
सबके धंधे पानी पर ताला लगा गयी,
इतनी भयंकर बीमारी रोजगार सबके ठप हो गए,
दस्तक दे गयी ये बेरोजगारी।
हर शख्स पर ज़ब ऐसी मुसीबत आन पड़ी भारी,
डगमगा से गए सभी की हालत नर हो या नारी,
कोरोना छीन ले गयी हर किसी का रोजगार,
व्यवसाय हो या नौकरी।

इंसान और काम के बीच,
फासले इतने बढ़ गए,
जैसे मीलों की दूरी आगे बढ़ते बढ़ते,
पीछे चले गए।

ऊपर उठते उठते,
नीचे चले गए,
पैसे पैसे के लिए,
मोहताज कर गयी,
न जाने कितनों को,
कर्जदार कर गयी।

ऐसी दशा पहले कभी न हुई थी हमारी,
क्या खूब खेलती रही सभी के ज़िन्दगी से कोरोना में बेरोजगारी।
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