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हिंदी दिवस

हिंदी दिवस

मान हमारा जिससे, सम्मान हमारा जिससे,
वो भाषा हमारी हिंदी,
मेरे देश की आन बान है जिससे।

मेरे देश की पहचान मेरी हिंदी से है आयी,
युगो युगो से अपनी है गाथा इसने गाई।

रूप नया इसने ये संस्कृत से है पाया,
सरल रूप से इसने सबको अपने है बनाया,
मातृ भाषा ये है देश की, ये सम्मान इसने पाया,
राज भाषा, राष्ट्र भाषा का गुरुर भी इसमें है समाया।

अनेक भाषाओ की जननी ये है कहलाती,
ये भाषा हमारी हिंदी, हमारी पहचान हमे बताती,
अपने अपने ढंग से हर किसी ने इसे है अपनाया,
हिंदी ने ही हमे बोलना, लिखना और पढ़ना है सिखाया।

समिट सा रहा है अब इसी भाषा का ये सम्मान,
बोल भाषा हिंदी अब लज़्ज़ा जाते कुछ लोग आम,
बोलना मातृ अपनी भाषा, गुरुर इन्हे है न लगता,
बोले जो हिंदी को, इंसान अब वो तुच्छ है लगता।

मत करो अपमान ये भाषा का है ज्ञान,
भाषा अपनी ऊंची हो, हर जग मे हो सम्मान,
हर दिवस ही अब बन जाए हिंदी दिवस ये हमारा,
इस जग मे हिंदी मेरी सबसे ऊपर हो अब नाम तुम्हारा।
1 Comment
  • Shweta singh
    Posted at 10:30h, 17 September Reply

    Ati uttam☺☺☺☺

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