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दिल का अस्तित्व

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जैसे दीपक के बिना बाती,
जैसे नैना हो बिन ज्योति,
जैसे हो चाँद अपनी चांदनी बिन,
जैसे सूरज बिन न लागे दिन,
जैसे हम तुम बिन, तुम हम बिन,
दोनों के दिल होते छिन्न-भिन्न।

जैसे बारिश बिना किसान अधूरा,
जैसे चकोर के बिना चाँद न पूरा,
शिवजी को जैसे प्रिय धतूरा,
वैसा मोहना लागे उन नैनों का रंग भूरा।

घटाओं के बिना है बारिश फ़ीकी,
पर उनकी निगाहें, हाय! कातिलाना तीखी,
जैसे बूँदें हो गालों पर ठहरी,
ज़ुल्फ़ें हों सावन-सी सुनहरी,
अँखियाँ उनकी इतनी गहरी,
खो जाये उनमें इस दिल का प्रहरी।

जैसे पतझड़ अधूरी पत्तों बिना,
है सुहागन न पूरी श्रृंगार बिना,
कुदरत को भी ज़रूरत मौसम की,
वरना उसका अस्तित्व भी उससे छिना।

खोया है अस्तित्व सभी का,
किसी न किसी के बिना,
फिर कैसे सोच लिया तुमने,
तुम्हारे बिन होगा पूरा मेरा एक भी सपना।

दिल चाहे धड़कन का साथ,
तुम बिन हो भारी बरसात,
ला दूँ ख़ुशियों की सौगात,
थाम लो बस मेरा हाथ,
तुमसे जुड़े मेरे जज़्बात,
तुम्हारे बिन न दिन है मेरे,
न सुकूँ भरी है एक भी रात।
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30 Comments
  • Deepanshu Yadav
    Posted at 06:15h, 24 September Reply

    Nice

  • Muskan kaushal
    Posted at 06:23h, 24 September Reply

    Amazing work ❤

  • Kartik Bhardwaj
    Posted at 06:32h, 24 September Reply

    Strongly attached 🙈🙈👼👼

  • Hrishi Shrama
    Posted at 06:36h, 24 September Reply

    Beautifully written

  • Jyoti bhardwaj
    Posted at 06:43h, 24 September Reply

    Very creative

  • Kirti
    Posted at 07:06h, 24 September Reply

    An intense feeling of deep affection….😍

  • Kiran
    Posted at 07:10h, 24 September Reply

    Wow superb 😍😍👌👌👌👌👌👌

  • Anubha Agarwal
    Posted at 07:57h, 24 September Reply

    Super 👌👌 n Heart Touching Poem 💗💗💓💓❤❤

  • Mukul
    Posted at 09:27h, 24 September Reply

    Superb 🤩🤩🤩🤩

  • Shivom
    Posted at 09:29h, 24 September Reply

    Amazing 😍😍😍🥰🥰🥰🥰

  • Vandana
    Posted at 09:30h, 24 September Reply

    I am proud of you

  • Alka gupta
    Posted at 10:52h, 24 September Reply

    Superb…👌👌👏👏😘😘

  • Preeti mangla
    Posted at 11:58h, 24 September Reply

    Beautiful lines❤❤

  • Preeti mangla
    Posted at 12:01h, 24 September Reply

    Beautiful😍 lines💓💓

  • Suraj
    Posted at 12:11h, 24 September Reply

    Seems to be written by broken heart

  • Vishakha garg
    Posted at 12:38h, 24 September Reply

    Aye haye😍❤️

  • Sonali kate
    Posted at 13:18h, 24 September Reply

    U nailed it ❤❤😍

  • Ananshika
    Posted at 19:13h, 24 September Reply

    Bhot khoobsurat panktiyan h
    Bs honhar ke nihrne me paani ki dhara ki zarurat hai
    Jasbadon me bs thordi tardap adhuri h

    All the best…you can do much better अंत poem aapki bhot achi h
    Yaad rkhna likhna aasan ho skta sudhar muskil h….jisne sudhar kr liye uske liye liye mukam mumkin h …….

  • Monika goyal
    Posted at 05:22h, 25 September Reply

    Amazing

  • Vimit-Gupta
    Posted at 05:35h, 25 September Reply

    Very nice lines , Future Dr. Simpy

  • Pritam
    Posted at 01:52h, 26 September Reply

    👍👍👍

  • Dimpy
    Posted at 04:02h, 26 September Reply

    Amazing 🤩❤️👏🔥

  • Sampada
    Posted at 04:30h, 26 September Reply

    Wonderful 😍

  • Girvar pilaniya
    Posted at 09:32h, 26 September Reply

    🙏

  • Sejal
    Posted at 14:27h, 26 September Reply

    Wonderful ✨😍

  • Sonia Garg
    Posted at 16:46h, 27 September Reply

    Super

  • Ayushi sharma
    Posted at 18:23h, 30 September Reply

    Penned nicely

  • Naveen
    Posted at 00:24h, 02 October Reply

    Heart Touching😊😊

  • kapil
    Posted at 02:59h, 02 October Reply

    Amazing 😍

  • Pushp
    Posted at 04:08h, 02 October Reply

    Bahut khub….

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