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एक नारी के कुछ अनकहे अल्फ़ाज़

एक नारी के कुछ अनकहे अल्फ़ाज़

ख़ामोश रातों में भी मिले जिसको सुकूँ,
दुनिया की भीड़ से, खौफ में हैं क्यों उसकी रूह।

शांत कोमल मन की बेचैनी,
एक कहानी थी उसको कहनी,
आसां न था सब कुछ सहना,
यूँ डर-डर के ज़िन्दगी को जीना।

परिंदा बनकर आई थी,
कैदी तुमने बना दिया...
छू सकती थी आकाश वो,
अरमानों को क्यूँ जला दिया...
ख़्वाबों की गहराईयों को,
इस क़दर दफ़ना दिया...
न चाहते हुए भी उसने,
सब कुछ फिर भी भुला दिया...
काश-काश में उसने अपना,
पूरा जीवन यूँहीं बिता दिया।

हाँ, कहने को बेशक मिली है,
उसको दुनिया से आज़ादी...
फिर भी तानों के डर ने,
लिखी हुई है उसके हिस्से में बर्बादी।

शर्तों की इस आज़ादी में,
वो कहा पंख फ़ैलाती...
हार कर इस मतलबी दुनिया से वो,
फिर इन एहसानों का बोझ भी उठाती।

आता है उसको स्वतंत्रता की इज़्ज़त करना,
आता है उसको थोड़े में भी जी भरना।
आसमां छूने का हुनर वो रखती है,
संग में अपने संस्कारो के आगे भी वो झुकती है...
तहज़ीब अपनी आँखों में लेकर चलती है,
अपने आचरण से ही सारा संसार बदलती है।

हाँ, वो एक नारी है...
जिसके बिन अधूरी दुनिया सारी है।

एक लड़की होने का उसको ये सिला दिया...
उसको डरा-डरा के अंदर ही अंदर इतना जला दिया...
फूल-सी कोमल काया को इक कोयला बना दिया।

तोड़ेगी वो डर को अपने,
पूरे करेगी सारे सपने!

फूल खिलेगा फिर से जिस दिन,
कोयला निकलेगा, बन हीरा इक दिन,
जा, उड़ जा अपने पंख फैला के,
आएगा खुदा से फ़रमान इक दिन।।
23 Comments
  • Vimit-Gupta
    Posted at 05:32h, 25 September Reply

    Very nice , u have fabulous talent

  • Dimpy
    Posted at 04:05h, 26 September Reply

    Very nice❤️❤️👏👏👏

  • Sampada
    Posted at 04:32h, 26 September Reply

    Nice 👌👌

  • Kiran
    Posted at 04:35h, 26 September Reply

    Superb 👌👌👌👌👌

  • Kartik bhardwaj
    Posted at 04:45h, 26 September Reply

    Really painful thoughtss…. hats off for u dear😭😭

  • Annapurna Bhardwaj
    Posted at 04:53h, 26 September Reply

    Nice thoughts

  • Preeti mangla
    Posted at 05:25h, 26 September Reply

    Bhut bdhia❤❤

  • Girvar pilaniya
    Posted at 09:13h, 26 September Reply

    Bhut khub👌

  • Anubha Agarwal
    Posted at 09:24h, 26 September Reply

    Nice n true lines

  • Alka gupta
    Posted at 10:49h, 26 September Reply

    Very nice lines yr..😘😘👏👏

  • Shivali
    Posted at 15:04h, 26 September Reply

    A very beautiful and well worded poem

  • Shivali
    Posted at 15:06h, 26 September Reply

    A very beautiful and well worded poem with beautifully written lines.

  • Kirti
    Posted at 15:15h, 26 September Reply

    👌👌

  • Pritam
    Posted at 16:13h, 26 September Reply

    Keep it up👌👌👌

  • Suraj
    Posted at 18:54h, 26 September Reply

    Maza aa gya je padh kr 🤗🤗

  • Sonali kate
    Posted at 18:55h, 26 September Reply

    Ekdm sach likha he tumne ❤❤❤😍😍

  • Jyoti bhardwaj
    Posted at 19:13h, 26 September Reply

    Nice one
    Keep it up

  • Sonia garg
    Posted at 16:41h, 27 September Reply

    Very nice🌹🌹🌹

  • Amit Jangir
    Posted at 15:06h, 01 October Reply

    Nice ☺️

  • Naveen
    Posted at 00:29h, 02 October Reply

    Glimpse of reality in your poetry👌👌👌

  • kapil
    Posted at 02:58h, 02 October Reply

    nic lines

  • Shyam
    Posted at 11:30h, 21 October Reply

    Fabulous 💯

  • Nishant Bhardwaj
    Posted at 11:36h, 21 October Reply

    Nice 👏

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