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बॉलीवुड

बॉलीवुड

एक हमारे नश्वर जग को छोड़
है दुनिया अलग एक बड़ी रंगीन
है यह वही दुनिया बंबई में बसी
दिए जिसने कई फ़िल्में और सितारें हसीन।

है नाम किया रोशन जग में अपना
है चमक रहा बन कितनों का सपना
बच्चे-बच्चे को है मालूम यह डगर
है सितारों का बसाया एक महानगर।

अरबों रुपयों का होता सालाना कारोबार
लाखों-लाखों के चलाता यह घर बार
हो चाहे मन में लिए रोष, ग़म या हँसी
चलित पर्दे पर यह दिखाए मंज़र हसीन।

था एक ज़माना इसका श्वेत-श्याम का
है अब रंगीन नज़ारा इसके शबाब का
समझते थे पाप बड़ा इसमें काम करने का
आज है नाम बड़ा इसमें नाम कर जाने से।

है इसका भी बाज़ार बड़ा नरम गरम
है ख़बर उड़ती कभी इसकी तो कभी उसकी
होता रहता है कोई ना कोई कांड यहाँ पर
ना जाने बीच बीच में नज़र लगती है किसकी।

है यहाँ चमकता सितारा आसमां में कोई
है सिसक कर दम अपना घोंट रहा कोई
है कोई हवस और लालच के शिकार
बुराइयों से पटा पड़ा, नाम ख़राब हो रहा यार।

दे रहा हज़ारों फ़िल्में और लाखों नग़मे
फिर भी जूझ रहा स्तर हॉलीवुड का करने में
है छाए कॉपी किए हुए गाने और कहानियाँ
हो रही है असली कला की अब रवानियाँ।

अब इंतज़ार है दिल को फिर एक बार
मिले देव आनंद-दिलीप कुमार, फिर एक बार
इंडस्ट्री में कुकृत्यों की गंध ना मचे इस बार
हो नाम जग में और रोशन, इसका बारम्बार।
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