Custom Pages
[vc_separator type='transparent' color='' thickness='' up='20' down='7']
Portfolio
[vc_separator type='transparent' color='' thickness='' up='20' down='7'] [vc_separator type="transparent" position="center" up="12" down="16"]
 

जमाने का चलन… (दिखावा)

जमाने का चलन… (दिखावा)

हर दिशा में लम्हा-लम्हा बो गया है,
कह के हमसे अलविदा वह जो गया है,
कर लिया सुरज से समझोता घाटा ने,
ये समय रँगीन लेकिन खो गया है,
था किनारे का हंसी मंजर छलाबा,
ग़म के सागर मे डूबो हमको गया हे,
दुशमनों से प्यार नफ़रत दोस्तो से,
ये जामने का चलन क्या हो गया है।
ये जामने का चलन क्या हो गया है।
No Comments

Post A Comment