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मेरा नाम दर्शाता है

मेरा नाम दर्शाता है

सपना देखा था एक दिन मैंने एक लेखक बनने का।
पर जब कलम उठायी तो कुछ समझ नहीं आता था।
सोचता था क्या लिखूं इस कागज़ के टुकड़ो पर।
बस मुझे सिर्फ मेरे सपनों का रास्ता नज़र आता था।।
ना जाने कितनी बार लोगो ने मेरा मज़ाक उड़ाया था।
मुझे कभी ना लिखने के लिए भी समझाया था।
पर जब जब मेरे सपनों में कागज़ मेरा नाम दर्शाता है।
बस मुझे सिर्फ मेरे सपनों का रास्ता नज़र आता था।।
जब लिखने लगा तो क्या लिखूं कुछ समझ नही आता था।
फिर मैं अपने विचारों को कागज़ पर कलम से उतरता था।
जब रास्तो पर मुझे बहुत सी रुकावटे दिखती थी।
बस मुझे सिर्फ मेरे सपनों का रास्ता नज़र आता था।।
लोगो ने रास्ते की रुकावट बनकर बहुत कुछ सिखाया था।
कैसे धन्यवाद ना कहूँ उनका जिन्होंने मुझे उकसाया था।
जब जब उनकी कहीं बाते मुझे याद आती थी।
बस मुझे सिर्फ मेरे सपनों का रास्ता नज़र आता था।।
जब अपने सपनो की और मैंने एक कदम बढ़ाया था।
खुद को उस रास्ते पर बहुत अकेले पाया था।
उन काँटो पर भी मुझे गुलाब खिला नज़र आता था।
बस मुझे सिर्फ मेरे सपनों का रास्ता नज़र आता था।।
रश्मी बवेजा के और लेख पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें : https://nazmehayat.com/members/rashmibaweja/
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