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मेरे जीवन की अनोखी कहानी

मेरे जीवन की अनोखी कहानी

ये कहानी मेरे जीवन की है। मैं अपनी ज़िंदगी जीने वाली एक खुश मिज़ाज़ लड़की थी जिसे ना तो किसी चीज़ की परवाह थी न टेंशन। मेरा जीवन खुले किताब की तरह था। जिसमे सिर्फ खेलना ,खुदना, पढ़ना, मस्ती करना बस यही था मेरे जीवन मे दुख का तो जैसे मुझे पता ही नही था कि क्या होता है। अपने हर काम को अच्छे से करना मुझे बहुत पसंद था। अपनी बात को सबके आगे रखने का भी हुनूर बहुत बखूबी था मेरे अंदर। लोगो को समझने और अपनी बात समझाना भी बहुत अच्छे से आता था। अपने घर मे ही नही हर जगह सबकी लाडली रहती थी। हर कोई मेरी ख्वाहिश पूरी किया करता था। पर कहते है ना हर किसी के जीवन मे ऐसा मोड़ आता है। जो उसे बहुत कुछ सिखाता है। मेरे जीवन मे भी ऐसे कई मोड़ आये। एक तरफ जहाँ मैं रिश्तो को हर हाल में निभाया करती थी। वहीं जब कोई रिश्ता टूटता था तो बहुत तकलीफ होती थी। इस तकलीफ से एहसास होने लगा कि अब सच मे बचपन कहीं खो सा गया है। मेरी बहन जो मुझे अपनी ज़िंदगी मे सबसे ज्यादा प्यारी थी। एक दिन वो मुझे छोड़कर चली गयी। उस समय बहुत शिकायते थी खुद से। कभी कभी भगवान से भी लड़ती थी। उसने ऐसा क्यों किया। पूरा पूरा दिन अकेले बैठकर रोती थी। जिन लोगो को मैं अपना दोस्त कहा करती थी। वो तो जैसे मेरी इस दुर्घटना में मुझे अकेले छोडकर चले गए। तब समझ मे आया रिश्ते वो नही जो आपको मुसीबत में अकेले छोड़कर जाए रिश्ते वो है जो हर हाल में आपका साथ निभाये। उस दिन मुझे महसूस हुआ मैंने कोई एक रिश्ता नही खोया। उस दिन समझ मे आने लगा कि इंसान को खुद ही अपने लिए लड़ना पड़ता है। और ज़िन्दगी में हारकर भी खड़े होना पड़ता है।
"कितना भी टूट जाओ ये दुनिया तुम्हे ना संभाल पाएगी।
जिस दिन खड़े हो गए तुम खुद से दुनिया तुम्हारे आगे सिर झुकायेगी"
और सच मे ऐसा ही हुआ तब से मैन लिखना शुरू किया और कागज़ और कलम को अपना दोस्त बनाया। कई लोगो ने मज़ाक भी उड़ाया। पर मैंने अपने कदम पीछे नही हटाये।मुझे नही पता मैं कैसा लिखती हूँ बस ये जानती हूँ लिखना मुझे सुकून देता है। इसी से मेरी सुबह है और यही मेरी शाम।
"हम तो बैठे थे कागज़ और कलम लेकर अपने अलफ़ाज़ लिखने।
क्या मालूम था यही हमे सपनो की मंज़िल की और ले जाएंगे"।।
37 Comments
  • अजय नायक
    Posted at 20:37h, 10 October Reply

    बहुत ही उम्दा लेखन है।अपनी जिंदगी को पन्नो पर उतारना सबसे बड़ा साहसी कार्य है। जिसे आपने बखूबी रूप से अपनी कलम के माध्यम से उतारा है।

  • Promila sharma
    Posted at 20:40h, 10 October Reply

    Osm

  • Rakhi
    Posted at 20:46h, 10 October Reply

    Awesome dear well done👍

  • Arun Anukrati
    Posted at 20:52h, 10 October Reply

    बहुत सुंदर रश्मि जी.. आप बस लिखते रहें, मज़बूती आपके जीवन में स्वत: आ जाएगी|
    मेरा लेखन भी कुछ ऐसी ही स्थिति में शुरू हुआ था जब मैंने अपने पिता को खोया था..
    हम लेखक एक-दूसरे को ऊंचाई भी दे सकते हैं और शक्ति भी.. आशा करती हूँ आपका आने वाला जीवन बहुत सुखमय बीते|

  • अनमोल सिंह निरंजन
    Posted at 20:57h, 10 October Reply

    Very good thinking,
    आपने अपने शब्दो को बहुत ही सरल शब्दों में व्यक्त किया,और इससे हमें कुछ सिखिने व दूसरो को समझने मदद मिलेगी,

    जय श्री कृष्णा
    🙏🙏🙏🙏🙏

  • Himanshu satija
    Posted at 21:16h, 10 October Reply

    Nice & Beautiful

  • Pujarani behera
    Posted at 21:21h, 10 October Reply

    So beautifully u explained life & poetry both

  • Smriti Dawar
    Posted at 21:23h, 10 October Reply

    Outstanding👌👌👍👍

  • Avinash Dongare
    Posted at 21:25h, 10 October Reply

    Good…

  • Kavita
    Posted at 21:42h, 10 October Reply

    Nyc Rashmi keep it up

  • Suresh kumar
    Posted at 21:57h, 10 October Reply

    Outstanding

  • Sachin baweja
    Posted at 21:59h, 10 October Reply

    Awesome

  • Kavita
    Posted at 22:06h, 10 October Reply

    Very nice

  • Vk hanswar
    Posted at 22:54h, 10 October Reply

    Nice

  • urvashi
    Posted at 22:57h, 10 October Reply

    Superrbbbb👌👌👌👌✍️✍️

  • Jyoti Malik
    Posted at 23:18h, 10 October Reply

    Lajawab

  • Shailza chauhan
    Posted at 23:31h, 10 October Reply

    Good job, keep it up🙌

  • Ritu Kumar
    Posted at 07:36h, 11 October Reply

    Nice

  • Anu Rana
    Posted at 10:19h, 11 October Reply

    Nyc

  • Avinash Dongare
    Posted at 10:21h, 11 October Reply

    Good. Well done

  • Avinash Dongare
    Posted at 10:24h, 11 October Reply

    Good

  • Annu
    Posted at 10:27h, 11 October Reply

    Very enthusiastic story 😊

  • Harsha Sharma
    Posted at 10:48h, 11 October Reply

    Superb

  • Trishika Khaskel
    Posted at 10:50h, 11 October Reply

    Great work…

  • अजय नायक
    Posted at 11:00h, 11 October Reply

    आपने बहुत ही सुंदर लिखा है । इसकी सुंदरता तब और बढ़ गयी जब आपने अपने लेखनी के माध्यम से अपने जीवन के कुछ पहलुओं को छुआ। बहुत कम लोग होते हैं जो इतना हिम्मत जुटा पाते हैं उसे अपनी लेखनी के माध्यम से सादे कागज पर उतारने की। अद्भुत है।

  • Arun Anukrati
    Posted at 11:16h, 11 October Reply

    Shows you strength 👍 Keep writing!

  • Jyoti
    Posted at 11:39h, 11 October Reply

    Superb

  • chestha gandhi
    Posted at 11:40h, 11 October Reply

    amazing 🤩

  • chestha gandhi
    Posted at 11:41h, 11 October Reply

    amazing

  • Anjali sharma
    Posted at 12:16h, 11 October Reply

    Super sister ji

  • Rashminder singh
    Posted at 13:51h, 11 October Reply

    Kanth

  • Deepika Sharma
    Posted at 14:51h, 11 October Reply

    सही कहा रश्मि। कागज और स्याही ही हमारे सबसे अच्छे दोस्त हैं। ये न केवल हमारे जज़्बातों को समझते हैं बल्कि हमें बिना ठेस पहुँचाए हमारी बातें पहुँचाने में हमारी मदद करते हैं। बहुत उम्दा लिखा। ऐसे ही सुंदर रचनाओं का सृजन करते रहिए।

  • Bhuvika
    Posted at 18:43h, 11 October Reply

    Nice

  • Kalyani thakur
    Posted at 22:31h, 11 October Reply

    Tum jo v likhti ho bs eo dil ko chhu jaya h.bohot achha likha h my friend all the best for your next journey.

  • Gaurav
    Posted at 18:14h, 12 October Reply

    Very nice ji vht badiya

  • Khyati
    Posted at 18:47h, 13 October Reply

    Very nice 👌👌

  • Dr Renu kakkar
    Posted at 22:50h, 24 October Reply

    Heart touching

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