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रिश्ते हैं अनमोल खजाना

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मनुष्य के जीवन में रिश्ते सबसे अनमोल खजाना हैं। वो दिन प्रतिदिन कागज़ के टुकड़ो के पीछे भागता रहता है। पैसो के लिए मनुष्य सब रिश्ते नाते ठुकरा देता है। वो ये नहीं समझ पाता उसके जीवन का सबसे अनमोल खजाना उसके रिश्ते हैं जो उसके हर सुख दुख में काम आएंगे। जब वो कभी थक कर रुक गया रास्ते में तो वही उसका होंसला बढ़ाएंगे। उसकी हर चोट पर वही मरहम लगाएंगे। पैसो का क्या है वो आज है कल नहीं। पर पैसे कहाँ रिश्तो का काम कर पाएंगे। मनुष्य चाहे कितना बड़ा हो जाये उसे हर मोड़ पर रिश्तो के प्यार और सहारे की जरूरत पड़ती है।
हमारे जीवन की असली खुशी: जब हमारे अपने हमारे आसपास होते हैं। तो हम अपने जीवन में सही मायनो में खुश होते हैं। हमारे अपनो की दुआओ से ही हम अपने जीवन के हर कार्य सिद्ध कर सकते हैं। हम चाहे कितने भी दुखी हो। वो हमारी उदासी झट से पहचान लेते हैं। और हमारी उदासी को खुशी में तब्दील कर देते हैं। उनके होने से घर में रौनक रहती है। और वो हमें जीवन में निस्वार्थ प्यार करते हैं। वो हमसे बिना कुछ मांगे हमारे जीवन में खुशिया भर देते हैं। रिश्ते तो वो हैं जब पूरी दुनिया साथ छोड़ देती है तो वो हमारे हाथ थामे खड़े रहते हैं। हमे एहसास करते है वो हमारे साथ हमारी हिम्मत बनकर खड़े हैं। और हमारा हर दुख हसते हसते खुद ले लेते हैं। और हमे हर वक़्त खुशिया देते हैं।
रिश्ते हमारे जीने की वजह: हर मनुष्य के जीवन में उतार चढ़ाव तो आते रहते हैं। पर कभी कभी मनुष्य लड़ते लड़ते हारने लगता है। और कई बार हम अपनी ज़िंदगी से भी ऊबने लगते हैं। अपना गुस्सा हर किसी पर निकालने लगते हैं। तब हमारे अपने हमारा मनोबल बढ़ाते हैं। हमे फिर से खड़ा करने में लग जाते है। हमारा मार्गदर्शन करते हैं। जब हमारे पास कोई वजह नहीं होती। तो वो हमारी जीने की वजह भी बनते हैं। और हमेशा हमारे साथ खड़े रहते हैं। जब हम रुकने लगते हैं। तब तो हमारा साहस बढ़ाकर हमे एक और कदम बढ़ने को कहते हैं।
टेंशन को कहे बाय बाय: रोज़मर्रा की जिंदगी में आने वाली समस्याओं के बारे में चिंतन करना तो उचित है पर हर वक़्त उसकी चिंता में डूबे रहना नही। इसलिए जब हम चिंता में डूबे रहते हैं। तो हमारे सोचने समझने की शक्ति लगभग खत्म हो जाती है। हम कोई भी निर्णय नहीं कर पाते। तब हमारे अपने रिश्ते जो सच्चे हैं बिना मतलब हमारा ध्यान रखते हैं। हमसे प्यार करते हैं। वो अपने प्यार से हमारे टेंशन को दूर भगाते हैं। इसलिए जब हो अपनो को साथ तो टेंशन को कहे बाय बाय।
रिश्तो में एहसास: रिश्तो को बनाये रखने के लिए रिश्तो में एक दूसरे के प्रति एहसास का होना बहुत जरूरी है। जरूरी नही खून से जुड़े संबंध ही हमारे अपने होते हैं। एहसास से जुड़े बन्धन भी हमे एक दूसरे से जोड़े रखते हैं। जैसे विवाह का बंधन दो अजनबियों को एक दूसरे से जीवन भर एहसास के रिश्ते से जोड़कर रखता है।
रिश्तो में अपनापन: हर कोई चाहता है उसके आसपास जो भी रिश्ते हो उनमे अपनेपन की मिठास हो। जन्हें हमे कभी हमारी तकलीफ और खुशिया बतानी न पड़े। वो बिना बताए ही हमारी खुशी और दुख को समझ जाएं ये तभी सम्भव है अगर हमारे रिश्तो में अपनापन होगा। हमे पहले रिश्तो को अपनाना पड़ता है। तभी हम दुसरो की खुशी और गम को महसूस कर सकतें हैं।
हर खुशी हर गम में साथ: ज़िन्दगी के दो पहलू हमेशा हमारे साथ चलते हैं। जिसे हम खुशी और गम की नाम से जानते हैं। और रिश्ते हमारे जीवन का आधार है जो हमारे गम में हमारे साथ खड़े होकर हमारी हिम्मत बनते हैं। और हमारी खुशीओ को दुगुना कर देते हैं। जब हम हार जाते हैं अपने जीवन के संघर्ष में तब वो हमारे मनोबल को बढ़ाते हैं। हमे टूटने से बचाकर एक राह दिखाते हैं। हर वक़्त हमारी हिम्मत बनकर हमारे रुके हुए कदमो को आगे बढ़ाते हैं। इसलिए रिश्ते अनमोल खजाना हैं। जिसका होना हमारे जीवन मे अत्यंत जरूरी है।
रिश्तो में समझ: रिश्ते तो हर किसी के पास होते हैं बस हम नासमझी की वजह से अपने रिश्तो को खो देते हैं। इसलिए रिश्तो में समझ का होना अत्यंत आवश्यक है। जीवन में हर रिश्तो का अपना अपना महत्व होता है। हम हर रिश्ते को आपसी समझ से समझ सकते हैं। चाहे वो माता पिता का बच्चो से हो या भाई बहन का या पति पत्नी का या दोस्ती का ये रिश्ते तभी निभ सकते हैं अगर हम इन्हें आपसी समझ से निभाये।
मैं आशा करती हूँ मैंने जो लिखा है वो आपको पसंद आये। और आप भी अपने जीवन पर सोच विचार करें और अपने रिश्तो को हमेशा बचाकर रखें। क्योंकि रिश्ते हमारे जीवन का अनमोल खजाना हैं।

रश्मी बवेजा के और लेख पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें: https://nazmehayat.com/members/rashmibaweja/
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