Custom Pages
[vc_separator type='transparent' color='' thickness='' up='20' down='7']
Portfolio
[vc_separator type='transparent' color='' thickness='' up='20' down='7'] [vc_separator type="transparent" position="center" up="12" down="16"]
 

लालच

लालच

इंसान कोई भी बुरा या अच्छा नहीं होता।
इंसान के बदलने का कोई तकाज़ा नहीं होता।
जिस पर हम कभी खुद से भी ज्यादा यकीन करते है।
कभी कभी वो लालच के आगे कुछ नहीं सोचता।।
इंसान कभी कभी रिश्तों को कुछ नहीं सोचता।
उसके लिए कभी अपनो के लिए समय नहीं होता।
जिन्होंने उसके लिए अपना सारा वक़्त दे दिया।
कभी कभी वो लालच के आगे कुछ नहीं सोचता।।
मनुष्य भ्रष्टाचार में धसने से पहले नहीं सोचता।
कुछ चंद नोटो के लिए अपना सम्मान नहीं सोचता।
जिन माँ बाप का नाम उसके साथ जुड़ा होता है।
कभी कभी वो लालच के आगे कुछ नहीं सोचता।।
काश वो अपने आत्मसम्मान को नहीं बेचता।
भ्रष्टाचार के आगे वो कभी अपने घुटने ना टेकता।
कुछ रुपयों को देखकर उसका मन ऐसे ललचाया।
कभी कभी वो लालच के आगे कुछ नहीं सोचता।।
ज़िन्दगी में वो कभी इस कदर खुद में नही डूबता।
एक बार तो वो अपने से पहले वो अपनो की सोचता।
ना जाने उसके मन में पैसो के लिए इतना प्रेम आया।
कभी कभी वो लालच के आगे कुछ नहीं सोचता।।
No Comments

Post A Comment