Custom Pages
[vc_separator type='transparent' color='' thickness='' up='20' down='7']
Portfolio
[vc_separator type='transparent' color='' thickness='' up='20' down='7'] [vc_separator type="transparent" position="center" up="12" down="16"]

सेलिब्रिटीज अच्छे रोल मॉडल है या नहीं

Share on facebook
Share on twitter
Share on whatsapp
इस दुनिया में मसीहा बन जो लोगों की मदद करता है या बुराई को खत्म करने का प्रयास करता है, चाहे वह स्कीन के परदे पर ही क्यों ना हो वह लोगों की नजर में हीरो या सेलिब्रिटी बन जाता है। और प्राय लोग उनसे अच्छे की ही उम्मीद रखते हैं। कई लोगों के लिए तो ऐसे कलाकार आदर्श बन जाते हैं। कई लोगों की दीवानगी उनके प्रति ऐसी होती है कि वह उनके ही अनुसरण करने लगते हैं। फिल्मों की दुनिया, वहां का मायाजाल बहुत ही बड़ा है। मेरा मानना है कि लोगों को अपनी ज्ञानचक्षु खोलने की जरूरत है, और सच्चाई से अवगत होने की जरूरत है। सच में देखा जाए तो फिल्म इंडस्ट्री में ऐसे बहुत ही कम हीरो है, जो रियल लाइफ में भी हीरो वाले काम करते हैं। बाकी तो सिर्फ एक्टिंग और दिखावा, पर सच पूछा जाए तो मेरी नजर में वह हर इंसान सेलिब्रिटी के पद पर प्रतिष्ठित होना चाहिए, जिसने रियल लाइफ में किसी की आर्थिक तौर पर मदद की हो और शारीरिक तौर पर भी। और जो हमेशा जरूरतमंदों के लिए खड़ा रहता हो, और जब देश में आए आपातकालीन समय में लोगों की मदद के लिए तत्पर रहता हो। और ऐसे महान व्यक्ति ही मेरी नजर में सेलिब्रिटीज हैं। मेरा मानना है, विश्व में हर व्यक्ति जीविकोपार्जन के लिए ही कार्य कर रहा है, अपने और अपने परिवार के लिए, लेकिन इन सबसे अलग जब कोई व्यक्ति देश की सेवा के लिए आगे बढ़े या फिर देश में आई विपदा में लोगों की मदद कर उसे ऊपर उठाएं सही में वही हमसब का और देश का सच्चा हीरो है। अब लोगों के मानसिक पटल पर से और आँखों से सेलिब्रिटी का नकाब उठ चुका है। अब लोग, दर्शक, जनता सभी सेलिब्रिटीज उसी को मानते हैं जो सिर्फ पर्दे पर ही नहीं बल्कि आम जिंदगी में भी हीरो वाले कार्य को कर दर्शाते हैं अब देश में और लोगों की नजर में सेलिब्रिटीज की परिभाषा बदल चुकी है। इस कोरोना काल में हम-सब ने देखा कि एक ऐसे ही कलाकार ने आगे बढ़कर लोगों की काफी मदद की और लोगों के दिलों में अपना विशेष स्थान बना लिया और बहुतों के रोल मॉडल बन गए। अभिनेता "
सोनू सूद" हम लोगों के सामने उदाहरण के तौर पर हैं...।
वह एक उदाहरण के तौर पर जाने जाने लगे इन्होंने एक सेलिब्रिटी होने के साथ-साथ देश का एक अच्छा नागरिक होने का भी धर्म निभाया है। यह एक सच्चे देशभक्त के परिचायक हैं। कोरोना काल में जहां एक और लोग अपने घरों में दुबके पड़े थे, इस महानायक ने देश के लोगों की पीड़ा को समझा और उसकी मदद को आगे आए, उन्होंने हम सबके सामने एक मिसाल पैदा की है। बहुत कुछ सीखने को मिला उनसे। ऐसे ही कुछ लोग और भी हैं जो हमारे देश के हित में अपना योगदान देते हैं सही मायनों में ऐसे ही व्यक्ति हमारे देश का गौरव है और सब के रोल मॉडल भी।
तथा हम कह सकते हैं कि हम सारे सेलिब्रिटीज को अपना रोल मॉडल नहीं मान सकते। हम कार्य के आधार पर ही किसी को अपना गुरु या रोल मॉडल बनाते हैं बिना किसी विशिष्ट गुण के हम किसी को अपना रोल मॉडल नहीं मानते।
0

Note : Please Login to use like button

Share this post with your friends

Share on facebook
Share on twitter
Share on whatsapp
Share on email
7 Comments
  • Piyush Kumar
    Posted at 20:09h, 23 January Reply

    बहुत ही सुन्दर रचना है भाभी

  • Kashinath Jalay
    Posted at 20:56h, 23 January Reply

    Satya kaha hai.

  • Rakesh Singh
    Posted at 22:30h, 23 January Reply

    Nice

  • Ashwani kumar
    Posted at 00:30h, 25 January Reply

    प्रेरणादायी रचना है ।

  • Renukuntla Murali
    Posted at 08:58h, 25 January Reply

    Good

  • Meghali singh
    Posted at 12:29h, 25 January Reply

    Nice

  • Mamta Singh
    Posted at 20:54h, 27 January Reply

    Very nice

Post A Comment

Related Posts

Hindi
Yogesh V Nayyar

मयखाना

मयखाने के दरवाज़े खुलते हैं अंदर की ओर, हर आने वाला अपनी रूबाई सुनाता है। कुछ गम के साए में मजबूर, कुछ अपनी तन्हाइयों से दूर। हर प्याले में होता है जाम, अपने हरषु के लिए बेताब, किसी का गम गलत करने को, तो किसी

Read More »
Hindi
Yogesh V Nayyar

दामन

सच कहा है के अंधेरे में परछाईं भी साथ छोड़ जाती है, जब मौत आती है ज़िंदगी साथ छोड़ जाती है, मगर हम तो उन में से हैं जो न छोड़ते हैं साथ, चाहे हो परछाई या हो मौत का हाथ। थामते हैं दामन जब

Read More »
Hindi
Nilofar Farooqui Tauseef

यात्रा की यादें

हसीन यादों का हसीन सफर।श्याम की नगरी, मथुरा डगर। मन हतोत्साहित, चेहरे पे मुस्कान।मन बनाये नए-नए पकवान। मंदिरों से आती, घण्टों की आवाज़।श्याम की बाँसुरी संग छेड़े साज़। बस का था सफर, मन विचलित।नयन तरसे, होकर प्रफुल्लित। स्वर्ग सैर हुआ मन को।उसी पल कैद किया

Read More »
Article
Shreya Saha

पिता दिवस

जिस प्रकार माँ जीवन प्रदान करती हैं, ठीक उसी प्रकार पिता जीवन को सही दिशा दिखता है। पिता का दिल बाहर से कठोर हो सकता है, लेकिन अंदर से वो नारियल के सामान नरम होता है। पिता अपना प्यार दिखा नहीं पाते, लेकिन संतान पर

Read More »